अस्‍थमा के रोगियों के लिए फायदेमंद है ये फूड

अस्‍थमा के रोगियों के लिए फायदेमंद है ये फूड

दिन प्रतिदिन बढ़ते प्रदूषण के स्‍तर का हमारे स्‍वास्‍थ्‍य पर बुरा असर देखने को मिल रहा है। वायु प्रदूषण न सिर्फ वातावरण को प्रदूषित करता है बल्कि यह हमारे शरीर में होने वाली कई जानलेवा बीमारियों की जड़ है। इसकी वजह से फेफड़ों से संबंधित रोग होते हैं। अस्‍थमा, सांस फूलना, एलर्जी आदि रोगों का कारण स्‍मॉग और वायु प्रदूषण है। प्रदूषण से हमारे फेफडों को होने वाले नुकसान से बचाने के लिए कुछ फूड्स बताए गए हैं, जिनका सेवन कर अस्‍थमा को कंट्रोल किया जा सकता है।

अस्थमा के लक्षण

  • शरीर में बेचैनी महसूस होती है
  • कई बार सिर भारी-भारी लगना और एक हिस्से में दर्द होना
  • जोर-जोर से सांस लेने के कारण थकावट महसूस होना
  • अधिक चलने के बाद उल्टी महसूस होना
  • सिगरेट-बीड़ी के धुंए से गला बंद होना या किसी तरह की एलर्जी महसूस होना

फेफड़ों के स्वास्थ्य के लिए  बेहतरीन फूड्स

ओमेगा-3 फैटी एसिड

ओमेगा-3 फैटी एसिड साल्‍मन, ट्यूना, ट्राउट जैसी मछलियों में एवं मेवों व अलसी में पाया जाता है। ओमेगा -3 फैटी एसिड केवल हमारे फेफडों के लिए ही नहीं बल्कि हमारे स्वास्थ्य के लिए भी बहुत लाभदायक है। इसके अलावा, ओमेगा-3 फैटी एसिड का सेवन दमे के रोगियों के स्वास्थ्य को सुधारता है। अतः अस्थमा के रोगियों को सांस की तकलीफ एवं घरघराहट के लक्षणों से निजात दिलाता है। इसलिए इसे फेफडों के सेहत के लिए सबसे अच्छा फूड माना जाता है।

कैरोटीनॉयड

फेफड़ों के स्वास्थ्य के लिए कैरोटीनॉयड बहुत महत्वपूर्ण है। यह एंटीऑक्सीडेंट व्यक्ति को फेफड़ों के कैंसर के खतरे से बचाता है तथा अस्थमा के रोगियों को अस्थमा के दौरों से राहत दिलाता है। अपने फेफडों की कैरोटीनॉयड की जरूरत को पूरा करने के लिए गाजर, शकरकंद, टमाटर व हरी पत्तेदार सब्जियों का सेवन करें।

पत्तेदार सब्जियां

एंटीऑक्सीडेंट से समृद्ध पत्तेदार सब्जियां फेफडों में मौजूद विषाक्त पदार्थों को निकाल बाहर करती हैं। अपने फेफडों को साफ करने के लिए आपको अपने आहार में गोभी, ब्रोकोली, एवं कोल्हाबी को शामिल करने की जरुरत है। आप इनका सेवन सलाद के रूप में या सब्जी के रूप में कर सकते हैं।

लहसुन

लहसुन में मौजूद एल्लिसिन नामक सत्व हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद है। लहसुन में उपस्थित एंटीऑक्सीडेंट गुण शरीर व फेफडों से मुक्त कणों को दूर करने में मदद करते हैं। साथ ही, ये संक्रमण से लडते हैं व फेफडों की सूजन को घटाते हैं। लहसुन, दमे के रोगियों के लिए अपने भोजन में शामिल करने योग्य एक अच्छा खाद्य पदार्थ है।

बेरी 

बेरी में आप ब्लूबेरी, रास्पबेरी व ब्लैकबेरी का सेवन कर सकते हैं। इन बेरियों में फ्लावोनॉयड, फैरोटीनॉयड व लुतिन, जीजांतिन नामक के एंटीऑक्सिडेंट मौजूद होते हैं। ये एंटीऑक्सिडेंट आपको कैंसर से बचाने के लिए फेफडों में बसे कार्सिनोजन को हटाते हैं तथा फेफडों के संक्रमण का खात्मा करते हैं।

ब्रॉन्किल कैप्सूल

अस्थमा से लड़ने की बात ये है कि ब्रॉन्किल कैप्सूल सबसे अच्छा उपाय है क्योंकि इससे अस्थमा के कारण होने वाले परिणामों को हल करने में मदद मिलती है। ब्रॉन्किल ऐसी ही एक दवा है जो भीड़भाड़ वायुमार्ग को साफ करने में मदद करता है।यह सूजन को भी ठीक करता है जो वायुमार्ग में सूजन का कारण होता है जो कि संकीर्ण वायुमार्ग का मुख्य कारण है। संकीर्ण वायुमार्ग यह दर्शाते हैं कि वायुमार्ग में फेफड़े से और हवा में प्रवाह करने के लिए बहुत कम स्थान है।

कई लोगों ने इस दवा पर भरोसा किया है और चिकित्सक द्वारा निर्धारित अनुसार नियमित रूप से इसका उपयोग करने के बाद वांछित परिणाम प्राप्त किए हैं। यह दवा उस व्यक्ति के लिए एकदम सही है जिसने अस्थमा के कारण बहुत नुकसान पहुंचा था और राहत के लिए हर संभव कोशिश की थी, लेकिन उनके प्रयास बेकार में चले गए हैं। यह एक सुखदायक दवा है, ऐसे व्यक्तियों के लिए एक उपाय

अधिक जानकारी के लिए आप डॉक्टर हाश्मी से भी बात कर सकते हैं 

 

 

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