कैसे टेस्टोस्टेरोन लेवल बढायें

कैसे टेस्टोस्टेरोन लेवल बढायें

टेस्टोस्टेरोन (testosterone) हार्मोन जिसे मेल हार्मोन कहते हैं, यौन अंगों, मेटाबोलिज्म, हड्डियों की क्षति और अन्य शारीरिक कार्यों का नियमन करता है | हालाँकि इससे प्रारंभिक रूप से पुरुष प्रभावित होते हैं लेकिन टेस्टोस्टेरोन की कमी या टेस्टोस्टेरोन के लेवल में कमी पुरुष और महिला दोनों में हो सकती है | रिसर्च दर्शाती हैं कि टेस्टोस्टेरोन के लेवल को परिवर्तित करने में आपकी जीवनशैली विशेष भूमिका निभाती है | एक्सरसाइज, नींद, तनाव और मोटापा, ये सभी हार्मोन लेवल को प्रभावित कर सकते हैं | इस लेख के द्वारा जानें कि किसी प्रकार टेस्टोस्टेरोन के लेवल को स्वाभाविक रूप से बढाया जा सकता है |

1. अपनी डाइट और पोषण का सुनियोजन करें

1.डॉक्टर से अपने एनुअल हेल्थ और बॉडी चेकअप के बारे में सलाह लें:

अपने वज़न से सम्बंधित विस्तृत आंकलन के बारे में जानें | अगर आपका वज़न ज्यादा है या आप मोटापे से ग्रसित हैं तो इसके कारण टेस्टोस्टेरोन घट सकता है |
  • मोटापे से ग्रसित लोग एरोमेटेस (aromatase) नामक एंजाइम बहुत अधिक मात्रा में स्त्रावित करते हैं जो टेस्टोस्टेरोन को एस्ट्रोजन में बदलने का काम करता है | आपका शरीर जितना ज्यादा एरोमेटेस निकालेगा, आपकी मेटाबोलिज्म लगातार उतनी ही कम होती जायेगी और परेशानी और बढ़ जाएगी | अपने डॉक्टर के साथ मिलकर अपना वज़न कम करने की योजना बनायें |

2. प्रोसेस्ड, पैकेज्ड और पहले से तैयार खाद्य पदार्थों का उपयोग करने से बचें:

वज़न बढ़ने और मोटापे से टेस्टोस्टेरोन का स्तर कम हो सकता है | अपनी भोज्य आदतों को बदलने से न सिर्फ आपके टेस्टोस्टेरोन लेवल में बड़ा बदलाव आएगा बल्कि आपको ह्रदय रोग और डायबिटीज होने की सम्भावना भी कम हो जाएगी | अपनी डाइट से प्रोसेस्ड, पैकेज्ड और पहले से तैयार खाद्य पदार्थों को दूर रखकर भोजन सम्बन्धी आदतों में बदलाव लाने की शुरुआत करें |

3. यथासंभव खाद्य पदार्थों को उनके प्राकृतिक रूप में खाएं:

“समग्र” खाद्य पदार्थ खाने से तात्पर्य है कि उसमे से अतिरिक्त शर्करा, फैट, प्रिजरवेटिव आदि को अलग कर दें | निम्निलिखित चीज़ों को शामिल करने की कोशिश करें:
  • ज्यादा से ज्यादा फल और सब्जियां
  • ज्यादा से ज्यादा मछली और बिना स्किन वाले पॉल्ट्री जिनमे लाल मांस सीमित मात्रा में हो
  • अधिक जटिल कार्बोहाइड्रेट्स जैसे समग्र अनाज. दालें, बीन्स और सब्जियां
  • अधिक से अधिक नट्स और सीड्स

4. शर्करा के बाहरी स्त्रोतों से बचें:

इनमे चीनी मिले प्रोसेस्ड फूड्स (जैसे उच्च फ्रक्टोस वाला कॉर्न सिरप) और आर्टिफीसियल स्वीटनर्स आते हैं | अगर आपको “मीठा खाने” की इच्छा हो तो स्टीविया नामक हर्ब का उपयोग करें जो चीनी की मिठास से साठ गुना अधिक मीठी होती है |

5. स्वस्थ फैट की मात्रा बढायें:

ओमेगा-3 फैट स्वस्थ फैट होता है जो कई प्रकार के खाद्य पदार्थों में पाया जाता है जैसे अंडे, शैवाल, मछली और मुस्सेल्स (mussels) साथ ही कुछ पौधों से मिलने वाले तेलों में भी पाया जाता है जैसे फ्लेक्ससीड्स, हेम्प (hemp) और अखरोट | वास्तव में स्वस्थ वसा स्वस्थ शरीर के निर्माण में मदद करता है |

6. पर्याप्त पानी पियें:

किसी भी स्वस्थ डाइट के लिए खूब सारा पानी पीना आवश्यक होता है | साथ ही, यह आपको हाइड्रेटेड रखता है और आपको भूख का अनुभव नहीं होने देता |

7. भूख लगने पर ही खाएं:

बार-बार नाश्ता करना, बोर होने पर कुछ न कुछ खाते रहना और अन्य कैलोरी वाली चीज़ें खाना बंद करें और सिफ भूख लगने पर ही खाने की कोशिश करें |

8. क्रेश डाइट न अपनाएँ:

कैलोरी लेना बंद करने से विशेषरूप से आपके शरीर को गलत संकेत पहुँच सकते हैं जिससे टेस्टोस्टेरोन में वृद्धि नहीं होगी | इसकी बजाय, पहले सप्ताह में लगभग 15 प्रतिशत कैलोरी कम लें |
  • वज़न कम करने के सभी उद्देश्य औचित्यपूर्ण (reasonable) होने चाहिए | अपनी डाइट में सुधार लाकर और गतिविधयां बढाकर प्रति सप्ताह एक पौंड (आधा किलोग्राम) वज़न कम करने का लक्ष्य बनायें |

9. व्यायाम करने पर इन चीज़ों को खाएं:

व्हेय (whey) प्रोटीन, उच्च प्रोटीन युक्त दही और कुछ सब्जियां मांसपेशियों के निर्माण में मदद कर सकती हैं | मांसपेशियां बढाने से फैट को जलने और टेस्टोस्टेरोन को बढाने में मदद मिलेगी |

नियमित रूप से व्यायाम करें

1. स्ट्रेंग्थ-ट्रेनिंग रूटीन की शुरुआत करें:

अगर आपने कभी वज़न न उठाया हो तो रेजिस्टेंस बैंड्स का उपयोग करें या वेट मशीन का उपयोग करें, एक पर्सनल ट्रेनर की मदद लें या व्यायाम के सही प्रकार और प्रक्रिया की सीखने के लिए किसी फिजिकल थेरेपिस्ट को बुलाएं |
  • अगर आप बहुत कमज़ोर हों तो रेसिस्टेंस बैंड्स के साथ शुरुआत करें | स्ट्रेंग्थ-ट्रेनिंग का इस सरल रूप में आप वास्तविक वज़न उठाने के पहले अपनी कमज़ोर मांसपेशियों को प्रशिक्षित करने के लिए एक रबर के स्ट्रेप (strap) का उपयोग करते हैं | पहले 3 से 4 सप्ताह तक इसे प्रति सप्ताह 2 से 3 बार करें | अगर आपको जोड़ों या कमरदर्द की परेशानी हो तो स्ट्रेंग्थ-ट्रेनिंग के इस रूप में छड़ी और अधिक मज़बूत बैंड्स का उपयोग करना चाहिए |
  • आप 11 सप्ताह तक प्रति सप्ताह 3 बार वज़न उठाकर अपने टेस्टोस्टेरोन लेवल को 20% तक बढ़ा सकते हैं |
  • शाम को की जाने वाली स्ट्रेंग्थ-ट्रेनिंग शाम के समय में टेस्टोस्टेरोन लेवल को बढ़ा सकती हैं | इनका प्रभाव तुरंत होता है और आप कम समय में अच्छे शेप में आ जाते हैं | ये काफी मदद कर सकती हैं |

2. प्रति सप्ताह 2 से 3 बार वेट मशीन या फ्री वेट का उपयोग करें:

पुरुषों के लिए, आपको ऐसे वजन का चुनाव करना चाहिए जिसे 5 बार दोहराने से ही आपकी मांसपेशियां थकान अनुभव करने लगें | इसके 3 सेट करें | आपको वेट ट्रेनिंग एक्सरसाइज के बाद मांसपेशियों में थकान अनुभव होगी | अपनी मांसपेशियों को 24 से 48 घटे का विश्राम दें |
  • महिलाओं और जोड़ों की परेशानी से पीड़ित लोगों को सहनशक्ति या मजबूती प्रदान करने वाली ट्रेनिंग का चुनाव करना चाहिए | उदाहरण के लिए, वे थोड़े कम वज़न का उपयोग कर सकते हैं और 10 से 15 बार के 3 सेट पूरे कर सकते हैं |
  • फुल सेट्स के बीच में आधे सेट्स करें | इसका मतलब यह है कि मसल्स फाइबर को तेज़ खींचने के साथ ही धीमी गति से भी खींचने के लिए नीचे से ऊपर तक गतिविधियों की रेंज पूरी तरह से आधी कर देनी चाहिए |
  • वज़न धीरे-धीरे उठायें | धीरे-धीरे सांस लें और कभी भी वज़न को गिरायें नहीं | वास्तविक स्थिति में आने तक वज़न को नियंत्रित किये रखें |

3. कार्डियो-इंटरवल ट्रेनिंग करें:

प्रति सप्ताह 5 बार कम से कम 30 मिनट तक कार्डियो एक्सरसाइज करना शुरू करें |
  • इंटरवल ट्रेनिंग में आपको वार्म अप करके स्प्रिंट या कम समय अवधि (जैसे 90 सेकंड्स) के लिए तीव्र व्यायाम करना होता है और फिर थोड़े लम्बे इंटरवल (लगभग 2 से 4 मिनट) के लिए बहुत ही मध्यम “रेस्टिंग” पेस (resting pace) पर व्यायाम करना होता है | वार्म अप और कूल डाउन के साथ इन सेट्स को लगभग 30 मिनट तक दोहराएँ | विभिन्न इंटरवल विशिष्ट कार्डियो-गतिवधि के अनुसार भिन्न-भिन्न हो सकते हैं | अगर आप इंटरवल ट्रेनिंग के लिए नए हैं तो अपने एक्सपीरियंस लेवल के लिए एक पर्सनल ट्रेनर को बुलाएं |
  • कार्डियोवैस्कुलर मशीन्स जैसे स्टेयर मशीन (stair machines), बाइक्स, एलिप्टीकल्स और ट्रेडमिल इंटरवल ट्रेनिंग करने के लिए उपयोग की जा सकती हैं | अगर आप टहलना या तैरना नहीं चाहते तो इन मशीनों का उपयोग करें |

4. ध्यान रखें कि आपकी 30 मिनट की एक्सरसाइज में आपको पसीना आ जाये:

शरीर के लिए सामान्य गतिविधियाँ उचित होती हैं, लेकिन आपको वज़न कम करने के लिए और टेस्टोस्टेरोन में सुधार के उद्देश्य की पूर्ती के लिए आपको अधिक गहन एक्सरसाइज करने की ज़रूरत होगी | यह बात स्ट्रेंग्थ ट्रेनिंग और कार्डियो दोनों एक्सरसाइज पर लागू होती है |

  • अत्यधिक ट्रेनिंग न करें | अगर आप पहले से ही फिट हैं तो बहुत अधिक कार्डियो एक्सरसाइज करने से टेस्टोस्टेरोन लेवल के कम होने की सम्भावना हो सकती है | आपका उद्देश्य मेटाबोलिज्म को उच्च बनाये रखने का होना चाहिए जबकि शरीर को आराम और रिकवरी के लिए पर्याप्त समय भी देना चाहिए |
  • व्यायाम करने से पहले, करने के दौरान और बाद में खूब सारा पानी पियें | डिहाइड्रेटेड लोग व्यायाम के बाद कम टेस्टोस्टेरोन का उत्पादन करते हैं |
  • व्यायाम के अन्य लाभों को न भूलें, जिनमे बेहतर कार्डियोवैस्कुलर स्वास्थ्य, वज़न में कमी, ताकत में वृद्धि और मजबूती शामिल हैं |

5. बीच-बीच में उपवास (fasting) करते रहें:

बीच-बीच में किये गये उपवास के साथ संयुक्त रूप से की जाने वाली मध्यम से हाई इंटेंसिटी एक्सरसाइज टेस्टोस्टेरोन लेवल में वृद्धि को दर्शाती हैं | फास्टिंग या उपवास की अवधि के समय में अपनी पसंद की कोई भी मध्यम से हाई इंटेंसिटी एक्सरसाइज करें | इसके पीछे का तथ्य यह है कि जब आप उपवास करते हैं तो आपका शरीर संगृहीत वसा का उपयोग ईंधन के रूप में करने लगेगा |

3. अपनी जीवनशैली में बदलाव लायें

1. पूरी रात अच्छी नींद लें:

डॉक्टर्स हर रात 7 से 8 घंटे सोने की सिफारिश करते हैं | कम सोने से टेस्टोस्टेरोन का लेवल 10% कम हो सकता है | कम सोने से वज़न कम करने में भी परेशानी हो सकती है

2. सक्रीय बने रहें:

आस-पास अधिक घूमने और कम बैठने से आपके हार्मोन्स संतुलित होंगे, तनाव कम होगा और इसके फलस्वरूप वज़न भी कम होगा |

  • एक पैडोमीटर (pedometer) खरीदें | ध्यान दें कि आप अपने डेली रूटीन के कोर्स के दौरान प्रतिदिन कम से कम 10,000 कदम चलें |

3. अपने तनाव का स्तर कम करें:

तनाव कॉर्टिसोल हार्मोन का उत्पादन करता है और टेस्टोस्टेरोन जैसे हार्मोन के उत्पादन में बाधा डालता है |
  • काम/जीवन में संतुलन बनाये रखने पर फोकस करें | पूरे दिन में दो घंटे का समय उन फुर्सत की गतिविधियों में गुजारें जिनमे आपको मज़ा आता हो |
  • मैडिटेशन, गहरी सांसें लेना, योगा, ताई ची (tai chi) और किगोंग (qigong) (एक प्रकार का चायनीज़ मैडिटेशन) करना शुरू करें | इस गतिविधियों से तनाव कम हो सकता है और आप बेहतर रूप से सो सकते हैं | अगर आपको लगता है कि आपके पास समय नहीं है तो पूरे दिन में हर ब्रेक पर 25 गहरी साँसे चार बार 2-3 मिनट के लिए लेकर इसकी शुरुआत करें |

4. यौन क्रियाएं सुबह करने के बारे में विचार करें:

अगर टेस्टोस्टेरोन की कमी आपकी सेक्स लाइफ को प्रभावित कर रही हो तो सुबह के समय में सेक्सुअल एक्टिविटी करें क्योंकि सुबह प्राकृतिक रूप से टेस्टोस्टेरोन का लेवल हाई होता है |

इसे पढ़े:-15 खाद्य पदार्थ जो शुक्राणु की मात्रा और कुल मिलाकर यौन स्वास्थ्य बढ़ाते हैं

4. टेस्टोस्टेरोन की कमी को डायग्नोज़ करें

1. शारीरिक लक्षणों पर नज़र डालें:

कम टेस्टोस्टेरोन लेवल वाले पुरुषों में विभिन्न प्रकार के सम्बंधित लक्षण दिखाई दे सकते हैं जैसे:
  • इरेक्टाइल डिसफंक्शन (ED) जिसमे इरेक्शन की क्वालिटी और संख्या में कमी आ जाती है
  • छोटे वृषण या हाइपोगोनेडिस्म (small testes-hypogonadism)
  • स्पर्म काउंट कम होना
  • मांसपेशीय भार कम होना जिससे शक्ति और मजबूती में कमी आना
  • ब्लड लिपिड्स में बदलाव जैसे कोलेस्ट्रॉल लेवल में बदलाव
  • ओस्टोपेनिया (हड्डियों का नर्म होना) और ऑस्टियोपोरोसिस (बोन डेंसिटी घटना या हड्डियाँ खोखली होना)
  • हॉट फ्लाशेश (hot flashesh)
  • ब्रैस्ट में सूजन या छूने पर दर्द होना (गायनेकोमेस्टिया)

2. भावनात्मक लक्षणों पर नज़र रखें:

शारीरिक प्रभावों के साथ ही पुरुषों में कम टेस्टोस्टेरोन होने पर मूड में बदलावों को भी नोटिस किया जा सकता है | इनमे शामिल हैं:

  • सेक्स करने की इच्छा कम होना
  • थकान
  • मूड बदलना जैसे डिप्रेशन, चिडचिडापन और चिंता
  • याददाश्त, ध्यान केन्द्रित करने में परेशानी या अचानक सेल्फ-कॉन्फिडेंस कम हो जाना |

यौन शक्ति में सुधार लाये एक्सट्रीम्स के साथ

एक्सट्रीमएक्स कैप्सूल एक हर्बल लिंग इज़ाफ़ा दवा है, शुद्ध और शक्तिशाली जड़ी बूटियों से बना, विशेष रूप से यौन मुद्दों के प्रसिद्ध और विशेषज्ञ विशेषज्ञ द्वारा बनाई गई है, हकीम हाशमी जी यह दवा उन सभी पुरुषों के लिए एक आदर्श उपचार है जो अपने जीवन में किसी भी तरह के यौन मुद्दों का सामना करते हैं। चाहे यह एक छोटी संभोग समय की समस्या या नरम निर्माण समस्या, कम कामेच्छा या यौन सुख में विफलता है, यह दवा सबसे सुखदायक और सुरक्षित तरीके से सभी यौन समस्याओं को हल करने के लिए बनाई गई है।

एक अध्ययन के मुताबिक, जो लोग डेढ़ महीने तक इसका सेवन कर रहे हैं, वे अपने यौन स्वास्थ्य में बहुत अच्छे परिणाम पा रहे हैं। आप केवल हश्मी डॉक्टर से परामर्श करके  इसका सेवन करे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *