कैसे वीर्य की मात्रा बढ़ाएँ

कैसे वीर्य की मात्रा बढ़ाएँ

 

जब घर में नए मेहमान को लाने का समय हो और उसे पूरा करने के लिए आप हर संभव प्रयास करते हैं। अच्छी बात यह है कि पिछले कुछ वर्षों में ऐसी कई स्टडीज की गई हैं जो दावा करती हैं कि अगर आपका स्पर्म काउंट कम है जो आपकी खुशियों में बाधा बन रहा है तो आप इसे बढ़ा सकते हैं। इनमें से कुछ तरीके हम आपको बताने वाले हैं

 1. खानपान में परिवर्तन

1 अपने आहार को बदलें:

आपके खानपान में सुधार, अधिक और स्वस्थ वीर्य उत्पन्न करता है। इस प्रक्रिया को कम नहीं आंके।

  • प्रोसेस्ड फ़ूड का कम सेवन करें या फिर विल्कुल नहीं करें, और इसके बदले आहार जिसमें कम वसा और ज्यादा प्रोटीन हो उनका सेवन करें। ज्यादा सब्जी और अनाज खाएँ, संभव होने पर जैविक आहार (organic foods) खरीदें। बहुत ज्यादा पानी पीएँ। जो भी आपके स्वास्थ्य के लिए अच्छा है, वो वीर्य के लिए भी लाभदायक होता है।

2. विटामिन C और एंटीअॅक्सीडेंट से भरपूर भोजन खाएँ:

ये पोषक तत्व आपकी वीर्य से संबंधित बीमारी को कम करेगा और वीर्य के जीवनकाल को भी बढ़ाएगा। भोजनोपरान्त एक नारंगी खाएँ! एक 8 आउन्स (230 ml) ग्लास नारंगी के जूस में 124 ml विटामिन C होता है जो एक दिन के लिए काफी है।

3. मिनरल जिंक (mineral zinc) का ज्यादा सेवन करें:

इससे वीर्य की मात्रा, संख्या और टेस्टस्टेरन बढ़ती है। करीब 11 mg प्रति दिन लें, यह अखरोट, बीन्स, शुत्कि (oysters) या चिकन खाने से पूर्ति हो जाएगा।

4. एमिनो एसिड सप्लीमेंट के तौर पर या खाने के रूप में लें:

एमिनो एसिड कुछ मात्रा में मांसों, फलों और सब्जियों में पाया जाता है। एमिनो एसिड वीर्य की मात्रा को बढ़ता है, और उसे गाढ़ा होने से भी बचाता है। एमिनो एसिड जो आपको खाने में सम्मिलित करना चाहिए।

  • एल- कार्निटीन (L-Carnitine) यह रेड मीट और दूध में पाया जाता है।
  • एल- आरगिनेइन (L-Arginine) यह ड्राईफ्रूट्स, तिल और अंडे में पाया जाता है।
  • एल- लीसीन- (L-Lysine) यह दूध और पनीर में पाया जाता है।

इसे देखे :-अपना लिंग का आकर बढ़ाये

5. अपने आहार में फोलिक एसिड सप्लीमेंट लें:

फोलिक एसिड (विटामिन B9) वीर्य की मात्रा बढ़ाने में मददगार साबित होता है। 400 ग्राम फोलिक एसिड हरी सब्जियां, फलियां, अनाज और नारंगी के रस में पाया जाता है।

6. विटामिन D और कैल्शियम के प्रतिदिन सेवन को बढ़ाएँ:

आप दोनों को सप्लीमेंट के तौर पर भी ले सकते हैं या फिर कुछ समय धूप में व्यतीत करके विटामिन D की संश्लेषण कर सकते हैं। दही, स्लिम दूध, सैल्मन अधिक मात्रा में सेवन करके से आप कैल्शियम और विटामिन D की जरूरत को पूरा कर सकते हैं। अगर आप ज्यादा समय धूप में व्यतीत करते हैं तो अपने शरीर पर सनस्क्रीन लगाना नहीं भूलें ताकि सूर्य की हानिकारक किरणों से प्रभाव कम हो।

7. एलिसीन का सेवन करें:

यह लहसुन में पाया जाता है, एलिसीन एक ओरगानोसल्फर यौगिक है जो वीर्य की मात्रा को यौन अंग में खून के संचार के अनुकूल बनाता है, जिससे स्वस्थ वीर्य की मात्रा बढती है। कुछ नए और दिलचस्प लहसुन युक्त खाना खाएँ या फिर लौंग और लहसुन की चाय बनाकर सुबह पी लें।

8. वीर्य को स्वस्थ बनाने वाले इन भोजनों का सेवन करें:

अगर वीर्य को आँखों से चमकते हुए देखना चाहते हैं, तो अपने खानपान में इन चीजों का प्रयोग करें।

  • Goji berries (एंटीॅआक्सीडेंट)
  • जिनसेंग (Ginseng), अश्वगंधा
  • पम्पकिन सीड्स (omega-3 fatty acids)
  • अखरोट (omega-3 fatty acids)
  • एस्परगस (विटामिन C)
  • केला (विटामिन C)

2. जीवन शैली में बदलाव

1. अपनी लाइफ स्टाइल को सुधारें:

जीवन शैली जिससे आपके शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली कम हो जाती है, उनसे वीर्य की संख्या भी कम हो सकती है। अगर आप सन्तान के प्रयास में हैं तो धूम्रपान, ड्रग्स (निर्धारित दवाओं के अलावा) से बचें। अपने डाक्टर से सलाह लें और शराब की सेवन एकदम कम मात्रा में करें।

2. ढीले कपडे पहनें:

ऐसे कपडे पहने जिनसे आपके अंडकोश (testicles) पर दबाब न पड़े। गर्मी अंडकोश के लिए हानिकारक होती है, इसलिए ढीले वस्त्र जिसमें हवा का प्रवेश हो पहनें। अंडकोश का शरीर से बाहर होने का एकमात्र कारण यही है, ताकि उनमें ठंडक बनी रहे।

3. साइकिल से उतर जाएं:

साइकिल की सीटें वीर्य को कम करने के लिए प्रख्यात है, अगर कुछ पल के लिए आप सोचेंगे तो आपको महसूस होगा कि क्यों! दबाव, धक्का और उछाल- वीर्य को इनमें से कुछ भी पसंद नहीं है । जब ज्यादा वीर्य उत्पन्न करने की इच्छा हो तो कार या बस का प्रयोग करें।

4. गर्म टब से बाहर निकलें:

यह सुखद तो होता है, लेकिन जब आप मनमोहक क्रिया में खोए होते हैं, आपके अंडकोश गर्मी से तप जाते हैं। टब में विश्राम को किसी और समय के लिए छोड़ दें।

5. तनाव दूर करें:

तनाव जानलेवा होता है। हालांकि, आप इसे कुछ समय के लिए संभाल लेंगे, मगर आपका वीर्य इतना मजबूत नहीं होता। तनाव वीर्य उत्पन्न करने वाले हार्मोन को कम कर देता है।

6. अपने वज़न की जांच करें:

ज्यादा या कम वजन हार्मोन प्रक्रिया के संचालन में प्रभाव डालता है। एस्ट्रोजन (estrogen) की ज्यादा मात्रा या टेस्टोश्टेरोन (testosterone) की कमी वीर्य की मात्रा में गलत प्रभाव डाल सकता है। जिम ज्वाइन करें, और खुद को प्रोत्साहित करने के लिए नए और दिलचस्प तरीके ढ़ूढें ताकि, अपने वज़न कम करने की लक्ष्य को आप पूरा कर पाएँ।

7. स्टेरॉयड (steroids) का सेवन समाप्त करें:

 यह भले ही आपकी मसल्स को बनाने में मददगार होंगे, लेकिन इससे आपके अंडकोश पर बुरा असर पड़ता है। वीर्य की मात्रा के अनुरूप ऐसा कौन चाहेगा? ऐनेबोलिक स्टेरइड (anabolic steroids) आपके समस्त स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है।

8. आराम करने की आवश्यकता समझें:

 आपका शरीर ज्यादातर जरूरी काम सोने के क्रम में करता है और इसमें वीर्य की उत्पत्ति भी सम्मिलित है। 8 घंटों की नींद अतिआवश्यक है, जब आप वीर्य की मात्रा को बढ़ाना चाहते हों।

9. PC मसल्स की एक्सरसाइज करें:

 PC मसल्स ना सिर्फ ज्यादा समय तक संभोग (sex) करने में काम आता है बल्कि वीर्य की मात्रा को भी बढ़ाता है। आप बहुत सारे PC मसल्स के व्यायाम अपनी साथी को संतुष्ट और सन्तान जन्म में सफलता पाने के लिए कर सकते हैं।

10. संभोग करते समय चिकनाहट वाले पदार्थ का उपयोग नहीं करें:

क्रिया के क्रम में यह उपयोगी हो सकता है, मगर संतान सुख के लिए यह हानिकारक होता है। चिकनाई वाले पदार्थ जैसे थूक, लोशन, या जेली वीर्य की गतिविधि को रोक सकता है। आप कुछ ख़ास प्रकार के लुब्रिकेंट्स जैसे प्रीसीड (PreSeed) का इस्तेमाल कर सकते हैं, जिसका वीर्य पर कोई प्रभाव नहीं होगा।

11. खुद को विषात्क रसायन और विकिरण से दूर रखें:

विषात्क रसायन और विकिरण आपके वीर्य को स्थायी हानि पहुंचा सकता है। अगर आप विषात्क रसायनों का प्रयोग हमेशा करते हैं तो रक्षात्मक चीजें (दस्ताना, मास्क) का प्रयोग जरूर करें, ताकि आपके चमड़े पर इसके प्रभाव कम कर हो। विकिरण वाले जगहों से बचें और इसका उपयोग चिकित्सक प्रक्रिया तक ही सीमित रखें।

12. ध्यान दें:

ऊपर दी गई सलाह न सिर्फ आपके वीर्य की संख्या (sperm count) को बढ़ाएगा, बल्कि उसे स्वस्थ और सक्रिय भी बनाएगा। और किसी एक वीर्य की किस्मत से आपको सन्तान सुख भी प्राप्त हो जाएगा!

बेबीटोन कैप्सूल का उपयोग बांझपन उपचार के लिए सर्वोत्तम है

बेबीटोन कैप्सूल शुद्ध प्राकृतिक संसाधनों से लिये गए अनमोल जड़ी-बूटियों का उपयोग करके बनाया गया है। यह बांझपन समाधान तकनीकी अनुसंधान और प्राचीन ज्ञान के एक बुद्धिमान मिश्रण का एक शानदार परिणाम है।

यह आयुर्वेदिक बांझपन उपचार नर हार्मोन और शुक्राणुओं की कमजोरी को लक्षित करता है। यह एक प्राकृतिक पूरक के रूप में काम करता है जो शुक्राणु के स्वास्थ्य और प्रदर्शन की कमी का पोषण करता है।

 आप केवल हश्मी डॉक्टर से परामर्श करके  इसका सेवन करे।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *