डायबिटीज पर नियंत्रण करने के लिए अपनाएं ये घरेलू उपाय

डायबिटीज पर नियंत्रण करने के लिए अपनाएं ये घरेलू उपाय

रक्त में शर्करा की मात्रा सामान्य से अधिक होने की स्थिति को मधुमेह का कारण बनती है। इस बीमारी का अभी तक कोई स्थाई इलाज सामने निकल कर नहीं आया है। इसलिए अगर आपको डायबीटीज को कंट्रोल करना है तो अच्छा पौष्टिक आहार के साथ-साथ आपको अपने लाइफस्टाइल में परिवर्तन लाना होगा। इस बीमारी को घरेलू इलाज से काफी हद तक कम किया जा सकता है। आइए जानते है मधुमेह को घरेलू इलाज से कैसे कंट्रोल कर सकते हैं।

1.    करेला- डायबिटीज में करेला काफी फायदेमंद होता है, करेले में कैरेटिन नामक रसायन होता है, इसलिए यह प्राकृतिक स्टेरॉयड के रुप में इस्तेमाल होता है, जिससे खून में शुगर लेवल नहीं बढ़ पाता। करेले के 100 मिली. रस में इतना ही पानी मिलाकर दिन में तीन बार लेने से लाभ होता है।

2.    मेथी- मधुमेह के रोगियों के लिए मेथी बहुत फायदेमंद होता है। अगर आप रोज़ 50 ग्राम मेथी नियमित रुप से खाएगें तो निश्चित ही आपका ग्लूकोज़ लेवल नीचे चला जाएगा, और आपको मधुमेह से राहत मिलेगी।

3.    जामुन- जामुन का रस, पत्ती़ और बीज मधुमेह की बीमारी को जड़ से समाप्त कर सकता हैं। जामुन के सूखे बीजों को पाउडर बना कर एक चम्मच दिन में दो बार पानी या दूध के साथ लेने से राहत मिलती है।

4.    आमला- एक चम्मच आमले का रस करेले के रस में मिला कर रोज पीएं , यह मधुमेह की सबसे अच्छी दवा है।

5.    आम की पत्ती – 15 ग्राम ताजे आम के पत्तों को 250 एमएल पानी में रात भर भिगो कर रख दें। इसके बाद सुबह इस पानी को छान कर पी लें। इसके अलावा सूखे आम के पत्तों को पीस कर पाउडर के रूप में खाने से भी मधुमेह में लाभ होता है।

6.    शहद- कार्बोहाइर्ड्रेट, कैलोरी और कई तरह के माइक्रो न्यू ट्रिएंट से भरपूर शहद मधुमेह के लिए लाभकारी है। शहद मधुमेह को कम करने में सहायता करता है।

7.     तुलसी के पत्ते –तुलसी के पत्तों में ब्लड शुगर के स्तर को कम करने की शक्ति है. तुलसी के पत्तों में शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट होता है जो की ब्लड शुगर को कंट्रोल करके एक्स्ट्रा शुगर कंटेंट को शरीर से निकलने में मदद करता है.

8.     इसबगोल की भूसी – इसके अलावा इसबगोल की भूसी ब्लड शुगर में इंसुलिन के रूप में ये उपयोग किया जा सकता है.

9.     ग्रीन टी – यह चाय नॉन फर्मेन्टेड होती है और पॉलीफेनोल से भरपूर होने के कारण एक मजबूत एंटीऑक्सीडेंट की तरह काम करती है. पॉलीफेनोल ब्लड शुगर को नियंत्रित करकर शुगर संतुलित रखता है. ये शुगर के स्तर और शरीर में प्राकृतिक ऊर्जा के प्रवाह को संतुलित करता है.

इसके सेवन से भी मिलता है आराम

1.    एक खीरा, एक करेला और एक टमाटर, तीनो का जूस निकालकर सुबह खाली पेट पीने से मधुमेह नियंत्रित होता है।

2.    नीम के सात पत्ते सुबह खाली पेट चबाकर या पीसकर पानी के साथ लेने से मधुमेह में आराम मिलता है।

3.    सदाबहार के सात फूल खाली पेट पानी के साथ चबाकर पीने से मधुमेह में आराम मिलता है।

4.    जामुन, गिलोय, कुटकी, नीम के पत्ते, चिरायता, कालमेघ, सूखा करेला, काली जीरी, मेथी इन सब को समान मात्रा में मिलाकर चूर्ण बना लें। यह चूर्ण सुबह-शाम खाली पेट पानी के साथ लें, इससे मधुमेह में आराम मिलता है

प्राकृतिक कच्चा भोजन

प्राकृतिक कच्चा भोजन सभी प्रकार के रोगों के लिए सबसे अच्छी दवा है. कच्चा भोजन शरीर के एंजाइमों में मिल जाता है. ऐसे खाद्य पदार्थ जिन्हें कच्चा खाया जा सकता है उन्हें कच्चा भोजन बोलते है जैसे की स्प्राउट्स, फल, जूस, नट आदि.

ऐसा कच्चा भोजन जिनमें फाइबर अधिक अधिक होता यही वो धीरे-धीरे शुगर लेवल को शरीर से खींच लेते है और इससे शरीर में ब्लड शुगर का लेवल संतुलित रहता है. फाइबर ब्लड शुगर के लेवल को स्थिर रखने का सबसे अच्छा काम करता है. सेब, खुमानी, चुकंदर, जामुन, गाजर, खट्टे फल आदि फाइबर से भरपूर होते है.

अच्छा और संतुलित आहार

ऐसा आहार जो सब्जियों और फलों का एक परफेक्ट मिक्स हो जिसमें सभी विटामिन्स और मिनरल्स हो जोकि शरीर के लिए एंटीऑक्सीडेंट के रूप में शरीर को अनचाहे रोगों से बचाए और ब्लड शुगर के हाई लेवल को कम करके शुगर को संतुलन में रखे.

रोजाना व्यायाम

व्यायाम बिना किसी दवाई के मधुमेह को नियंत्रित करने की क्षमता रखता है. यह रोग की गंभीरता को कम कर देता है और काफी लंबे समय तक जटिलताओं के जोखिम को कम करता है. व्यायाम उन लोगों को जरूर मदद करता है जो शुगर से इसलिए ग्रस्त है क्यूंकि उनका वजन ज्यादा है.व्यायाम इंसुलिन के प्रति संवेदनशीलता को कम करके टाइप 2 मधुमेह के मूल कारण से निपटने के लिए मदद करता है. इसके अलावा नियमित व्यायाम कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने और उच्च रक्तचाप को कंट्रोल में रखने में मदद करता है.

मेडिटेशन/ध्यान लगाना

ध्यान हमारे शरीर में इंसुलिन प्रतिरोध को कम करता है. मेडिटेशन करने से कोर्टिसोल , एड्रेनालाईन और नार एड्रेनालाईन के रूप में तनाव हार्मोन इंसुलिन और ग्लूकोज के स्तर के उत्पादन को तेज करके शुगर लेवल को संतुलित करता है. ये पाचन सिंड्रोम और मधुमेह को सामान्य करने में मदद करता है.

शुगर की देसी दवा

मधुमेह के साथ लोगों को हर दिन स्वास्थ्य समस्याओं के साथ सौदा करना पड़ता है. मधुमेह खराब खान-पान और अनियंत्रित आदतों की वजह से बढ़ जाता है. मधुमेह का कोई ऐसा इलाज नहीं है जिससे उससे पूरी तरह से खत्म किया जा सके इसलिए लोग अक्सर उसे अनुपचारित छोड़ देते है. मधुमेह को देसी मेडिसिन द्वारा नियंत्रण में रखा जा सकता है

 

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