पथरी के लिए असरकारी घरेलू उपचार

पथरी के लिए असरकारी घरेलू उपचार

गुर्दे की पथरी Kidney Stone एक आम समस्या है। पथरी गुर्दे ( Kidney ) में , पित्ताशय ( Gall Blader ) में या लीवर में बन सकती है।इसके कारण तेज दर्द हो सकता है तथा संक्रमण और दूसरी कई प्रकार की परेशानी हो सकती है। गुर्दे की पथरी ठोस आकार की पत्थर की कंकरी जैसी होती है । पित्ताशय में बनने वाली पथरी इससे बिलकुल अलग होती है। गुर्दे में पथरी के बनने के कई कारण हो सकते है।

पथरी के लिए उपाय

पथरी का बनना एक भयंकर पीड़ादायक रोग है। पित्त में कोलेस्‍टॉल और पिग्‍मेन्‍ट नामक दो तरह की बनती है। लेकिन लगभग अस्सी प्रतिशत पथरी कोलेस्ट्रॉल से ही बनती हैं। पित्त लिवर में बनता है और इसका भंडारण गॉल ब्लैडर में होता है। यह पित्त फैट युक्त भोजन को पचाने में मदद करता है। लेकिन जब पित्त में कोलेस्ट्रॉल और बिलरुबिन की मात्रा ज्यादा हो जाती है, तो पथरी का निर्माण होता है। पथरी को घरेलू उपचार के माध्‍यम से ठीक किया जा सकता है।

पित्त की पथरी के लिए उपाय

सेब का रस और सेब साइडर सिरका

बेशक, सेब डॉक्टर को दूर रखने में मदद करता है। इसलिए एक गिलास सेब के रस में सेब साइडर सिरका का एक बड़ा चम्मच मिलाकर नियमित रूप दिन में एक बार सेवन करना चाहिए। सेब में मेलिक एसिड होता है जो पित्त पथरी नरमी में सहायता करता है और सिरका पत्थर के कारण कोलेस्ट्रॉल बनाने से लीवर को रोकता है।

सेब का रस और सेब साइडर सिरका

नाशपती

नाशपती पित्त की पथरी के लिए बहुत फायदेमंद होती है। अमेरिका मेडिकल एसोसिएशन के अनुसार, लगभग 80 प्रतिशत पित्त में पथरी कोलेस्‍ट्रॉल के बनने से होती है। नाशपाती में पेक्टिन होता है इन पत्थरों को आसानी से फ्लश आउट के लिए कोलेस्ट्रॉल से भरे पित्त पथरी को बांधता है।

नाशपती

चुकंदर, खीरा और गाजर का रस

पित्ताशय की थैली को साफ और मजबूत करने और लीवर की सफाई के लिए चुकंदर का रस, ककड़ी का रस और गाजर के रस को बराबर मात्रा में मिलाये। यह संयोजन आपको पेट और खून की सफाई में भी मदद करता है। खीरे में मौजूद उच्च पानी सामग्री और गाजर में विटामिन सी की उच्च मात्रा मूत्राशय से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालती है।

चुकंदर, खीरा और गाजर का रस

सिंहपर्णी

सिंहपर्णी के पत्ते लीवर का समर्थन, मूत्राशय के कामकाज में सहायता, पित्त उत्सर्जन को बढ़ावा, और विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करते हैं। एक कप पानी में एक बड़ा चम्‍मच सिंहपर्णी के पत्तों को मिलाये। फिर इसे अवशोषित करने के‍ लिये पांच मिनट के लिए रख दें। अब इसमें एक चम्‍मच शहद मिलाये। मधुमेह रोगियों को इस उपचार से बचना चाहिए।  image courtesy : getty images

सिंहपर्णी

पुदीना

पुदीने में टेरपेन नामक प्राकृतिक तत्‍व होता है, जो पित्त से पथरी को घुलाने के लिए जाना जाता है। यह पित्त प्रवाह और अन्य पाचक रस को उत्तेजित करता है, इसलिए यह पाचन में भी सहायक होता है। पथरी के लिए घरेलू उपाय के रूप में पुदीने की चाय का इस्‍तेमाल करें।

पुदीना

इसबगोल

एक उच्च फाइबर आहार, पित्ताशय की थैली की पथरी के इलाज के लिए बहुत आवश्यक है।  इसबगोल घुलनशील फाइबर का अच्‍छा स्रोत होने के कारण पित्त में कोलेस्ट्रॉल को बांधता है और पथरी के गठन को रोकने में मदद करता है। आप इसे अपने अन्‍य फाइबर युक्त भोजन के साथ या रात को बिस्‍तर पर जाने से पहले एक गिलास पानी के साथ ले सकते हैं।

इसबगोल

नींबू का रस

नींबू का रस प्रकृतिक रूप से अम्लीय होने के कारण यह सिरके की तरह कार्य करता है और लीवर में कोलेस्ट्रॉल को बनने से रोकता है। हर रोज खाली पेट चार नींबू का रस लें। इस प्रक्रिया को एक हफ्ते तक अपनाएं। इससे पथरी की समस्या आसानी से दूर हो सकती है।

नींबू का रस

लाल शिमला मिर्च

2013 में हुए एक अध्ययन के अनुसार, शरीर में भरपूर मात्रा में विटामिन सी पथरी की समस्‍या कम करता है। एक लाल शिमला मिर्च में लगभग 95 मिलीग्राम विटामिन सी होता है, यह मात्रा पथरी को रोकने के लिए काफी होती है। इसलिए अपने आहार में शिमला मिर्च को शामिल करें।

लाल शिमला मिर्च

वाइन

शोधकर्ताओं ने पाया कि 1/2 गिलास वाइन पित्त की पथरी के हमलों को लगभग चालीस प्रतिशत तक कम कर सकता है। इसलिए वाइन के एक गिलास को अपनी दिनचर्या में शमिल करें इससे ज्यादा नहीं।

वाइन

पथरी एक दर्दनाक चीज़ हैं और इसका समय पर इलाज नहीं किया गया तो ये बहुत खतरनाक साबित हो सकता हैं और कई परेशानियों को जन्म दे सकता हैं Amdel Herbal आपके लिए स्टोनिल कैप्सूल लाया हैं जो की स्टोन का इलाज करने के लिए प्राकृतिक विधि हैं यह दोनों किडनी और पित्त मूत्राशय के पत्थरों के उपचार में फायदेमंद है। प्राकृतिक जड़ी बूटियों के संयोजन से निर्मित, यह पूरी तरह से सुरक्षित है और दर्द से तुरंत राहत देता है। हम किडनी स्टोन्स उपचार के लिए भारत के सर्वश्रेष्ठ प्राकृतिक उपचार प्रदान करते हैं। आप डॉ। हाशमी से संपर्क कर सकते है। जो आपकी समस्या का समाधान करेंगे ।

Free Consultation with Dr. Hashmi
Contact us:-+91 9999216987

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *