हाई ब्लड प्रेशर के कारण , लक्षण ,और उपाय

हाई ब्लड प्रेशर के कारण , लक्षण ,और उपाय

आज पूरी दुनियाँ मे उच्च रक्त चाप यानि की hypertension एक गंभीर समस्या बनी हुई है। आम भाषा में हम इसे High Blood Pressure (BP) कहते है। यह एक जानलेवा बीमारी है। High Blood Pressure एक शांत ज्वालामुखी की तरह है जिसमे बाहर से कोई लक्षण या खतरा नहीं दिखाई नहीं देता पर जब यह ज्वालामुखी फटता है तो हमारे शरीर पर लकवा और  हार्ट अटैक जैसे गम्भीर परिणाम हो सकते है। पहले यह माना जाता था की यह समस्या उम्रदराज लोगो की समस्या है लेकिन बदलते माहौल मे hypertension की समस्या बच्चो और युवाओ मे भी फैलती जा रही है।

क्या होता है BLOOD PRESSURE (BP)

धमनियो मे रक्त के दबाव को बढ़ने को Blood Pressure कहते है । धमनिया शरीर मे रक्त वाहिकाए होती है जो हृदय से रक्त को सभी अंगो तथा ऊतको (tissue) तक पहुंचाती है।

HYPERTENSION (HIGH BLOOD PRESSURE) के क्या लक्षण है

Hypertension का ज़्यादातर लोगो में कोई खास लक्षण नहीं होते है। कुछ लोगो में ज्यादा Blood Pressure बढ़ जाने पर सरदर्द होना, ज़्यादा तनाव, सीने में दर्द या भारीपन, सांस लेने में परेशानी, अचानक घबराहट, समझने या बोलने में कठिनाई, चहरे, बांह या पैरो में अचानक सुन्नपन, झुनझुनी या कमजोरी महसूस होना या धुंदला दिखाई देना जैसे लक्षण दिखाई देते है

क्यो होता है

  • आनुवंशिकता(heredity)- आनुवंशिकता Hypertension का मुख्य कारण है। अगर किसी परिवार मे उच्च रक्त चाप की समस्या होती है तो उनकी अगली पीड़ी भी इस समस्या से ग्रस्त हो जाती है। यह व्यक्तियों के जींस का एक पीड़ी से दूसरी पीड़ी मे स्थानान्तर होने की वजह से होता है।
  • मोटापा(obesity)- शोध एवं अनुसंधानो से स्पष्ट हो चुका है की मोटापा उच्च रक्त चाप का बहुत बढ़ा कारण है। एक मोटे व्यक्ति मे उच्च रक्त चाप का खतरा एक समान्य व्यक्ति की तुलना मे बहुत बढ़ जाता है।

  • व्यायाम की कमी- खेल-कूद, व्यायाम, एवं शारीरिक क्रियाओ मे भाग न लेने से भी उच्च रक्त चाप का खतरा बढ़ जाता है।

  • आयु- जैसे जैसे व्यक्ति की उम्र बढ़ती है रक्त वाहिकाओ मे दिवारे कमजोर होती जाती है जिससे उच्च रक्त चाप की समस्या पैदा हो जाती है।

  • इन कारणो के अलावा अधिक नमक का सेवन और अत्यधिक मात्रा मे अल्कोहल, धूम्रपान अवम कॉफी का सेवन करने से उच्च रक्त चाप की समस्या पैदा हो सकती है।

कैसे बचे

  • मोटापे को नियंत्रित करने, नियमित व्यायाम करने, गहरी नींद लेने, तनाव मुक्त रहने और उचित आहार लेने से उच्च रक्त चाप को नियंत्रित किया जा सकता है।

  • ज्यादा अल्कोहल, धूम्रपान का प्रयोग और नाशिली दवाओ का सेवन करने से उच्च रक्त चाप के होने की संभावना होती है अत: इनका प्रयोग नहीं करना चाहिए। यदि आप मधुमेह के रोगी है तो शुगर को नियंत्रित करे। तनाव से बचना चाहिए और खुश रहने की आदत डालनी चाहिए। गहरी नींद लेनी चाहिए।

  • उच्च रक्त चाप से बचने के लिए भोजन का बहुत महत्व है अगर उचित भोजन लिया जाए तो इससे बचा जा सकता है। भोजन मे नमक की मात्रा कम हो। पोटैशियम को उचित मात्रा मे लेने से उच्च रक्त चाप का स्तर अच्छा हो जाता है। इसके अलावा आहार मे फल जैसे केला, संतरा, नाशपाती, टमाटर, सूखे मटर, बादाम और आलू अवश्य शामिल करे क्योकि इनमे पोटैशियम की मात्रा अधिक होती है। चिकनाई या fat वाला खाना कम मात्रा मे खाये।

हाशमी एचटी नील कैप्सूल हाई ब्लड प्रेशर गोलियां है जो उच्च रक्तचाप के मुद्दे को नियंत्रित और इलाज करने के लिए बनाई गई हैं। जटिलता को लाने वाले कारणों को समाप्त करने के लिए दवा बनाया जाता है यह रक्त वाहिकाओं को साफ करके रक्त के पाठ्यक्रम को नियमित करता है।

एचटी नील कैप्सूल शुद्ध प्राकृतिक पदार्थों और जड़ी बूटियों से बना है जो रक्त की धमनियों को कम करने और उपयोगकर्ता को लंबे समय तक राहत प्रदान करते हैं। अकेले नुस्खे पूरी उच्च रक्तचाप के इलाज है। यह प्रत्येक रोगी के लिए काम करता है जो उसकी उम्र का अप्रासंगिक है।

अधिक जानकारी के लिए आप डॉक्टर हाश्मी से भी संपर्क कर सकते हैं 

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *