7 योगासन से सेक्स लाइफ को बनाइए बेहतर

7 योगासन से सेक्स लाइफ को बनाइए बेहतर

योग एक ऐसा आसन होता है जो आपको पूर्ण रूप से स्वस्थ होने में मदद करता है। खुद को स्वस्थ रखने के लिए उम्र की कोई सीमा नहीं होती है। आप किसी भी उम्र में योगासन करना शुरू कर सकते हैं। सिर्फ योग करने का सही तरीका और जानकारी के बारे में पता होना चाहिए। योग आपको शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रखने में सहायता करता है। जब आप शारीरिक और मानसिक रूप से पूर्ण स्वस्थ होंगे तभी किसी भी उम्र में एक स्वस्थ सेक्स जीवन को जी पायेंगे। जीवन हो या शरीर किसी भी क्षेत्र में कोई भी समस्या हो उसका सीधा प्रभाव आपके सेक्स जीवन पर पड़ता है।

अगर आप किसी भी कारणवश तनाव या अवसाद में हैं सेक्स के प्रति रूची कम हो जाएगी। शरीर में किसी भी प्रकार का कष्ट सेक्स के दौरान चरम अवस्था तक पहुँचने में बाधा उत्पन्न कर सकता है। आपके खराब जीवनशैली या किसी भी प्रकार के बीमारी के कारण कई प्रकार के सेक्स संबंधी समस्याओं का सामना आपको करना पड़ सकता है, जैसे- इरेक्टाइल डिसफंक्शन(erectile dysfunction) या शीघ्रपतन (premature ejaculation) आदि। कहने का मतलब यह है कि सेक्स लाइफ का पूरा आनंद उठाने के लिए खुद को स्वस्थ रखना ज़रूरी होता है। तभी आप एक दूसरे को पूर्ण रूप से संतुष्ट और खुश कर पायेंगे।

स्वस्थ और बेहतर सेक्स जीवन का आनंद उठाने के लिए अन्य उपायों का सहारा लेने के बजाय योग का सहारा लेना सबसे सुरक्षित और सही उपाय होता है। इन योगासनों के द्वारा आप अपने सेक्स लाइफ का पूरा आनंद उठा सकते हैं-

1. भुजंगासन- इस आसन को करने के लिए पहले पेट के बल सीधा लेट जाये। इस अवस्था में पैर सीधा होना चाहिए। पैर के तलवे ऊपर की होने चाहिए और अंगुठे एक दूसरे से मिले होने चाहिए। अपने हाथों को छाती के पास इस प्रकार रखें ताकि आप अपने शरीर को नाभि तक धीरे-धीरे उठा सके। शरीर पेट से लेकर नाभि तक सीधा होना चाहिए और हथेली फर्श पर टिका होना चाहिए। इस अवस्था में साँस को दो-तीन सेंकेड तक रोककर रखने के बाद शरीर को धीरे-धीरे अपने पू्र्व के अवस्था में लौटाकर लाना चाहिए।

लाभ- इससे आपको सेक्स करने के दौरान ऊर्जा मिलती है और इरेक्टाइल डिसफंक्शन की समस्या से भी राहत मिलता है।

 

2. तितली आसन- फर्श पर एक आसन बिछाकर उस पर पैरों को फैलाकर बैठ जाये। फिर घुटनों को इस तरह से मोड़े कि पैर के तलवे एक-दूसरे से मिल जायें। उसके बाद हाथ से पैरों के अंगुलियों को पकड़े और तितली के पंखों की तरह पैरों को ऊपर और नीचे करें। धीरे-धीरे इसके गति को बढ़ायें।

लाभ- इस आसन को करने से जननांग सुदृढ़ होने के साथ-साथ पेल्विक (pelvic) और ग्रॉइन (groin) अंगों में लचिलापन आ जाता है। साथ ही सेक्स के प्रति रूची बढ़ने के साथ-साथ चरम आंनद का उपभोग भी कर पाते हैं।

3. हनुमानासन – कोई भी आसन हो खुले और हवादार जगह पर ही करना अच्छा होता है। इस आसन को करने के लिए चटाई पर पैरों को घुटनों से मोड़कर बैठ जाये। फिर पंजों के बल बैठने के बाद बाएं पैर को पीछे की ओर और दाएं पैर को सामने की ओर फैलाने की धीरे-धीरे कोशिश करनी चाहिए। जितना हो सके पैरों को फैलाये। सही स्थिति में आने के बाद प्रार्थना की मुद्रा में दो मिनट तक बैठने की कोशिश करें। इस प्रक्रिया को करने में कठिनाई होगी, इसलिए आराम से करने की कोशिश करें।

लाभ- इस आसन को करने से गुप्तांगों में रक्त का संचार अच्छी तरह से होने लगता है। साथ ही नीचे के अंगों की मांसपेशियों में तनाव कम होने के कारण लचीलापन आ जाता है। जिसके कारण सेक्स के दौरान कठिनाई कम होती है और चरम आनंद का अनुभव होता है।

4. हलासन- इस आसन को करने के लिए पहले शवासन के मुद्रा में लेट जाये। फिर अच्छी तरह से साँस लेने के बाद कमर से पैरों को पीछे की ओर धीरे-धीरे ले जाये। और हाथों को उल्टे दिशा में सीधा करके रखें। कुछ सेंकेड इस अवस्था में रहने के बाद शरीर को पूर्व के अवस्था में लेकर जाये।

लाभ- यह आसन करने से यौनांगों में उत्तेजना का संचार होता है जिसके कारण काम की इच्छा जागृत होती है। अगर किसी को नपुंसकता की समस्या है तो इस आसन के द्वारा इस समस्या से भी धीरे-धीरे राहत मिलने लगती है।

5. उष्ट्रासन- इस आसन को करने के लिए चटाई पर पहले घुटनों के बल बैठना चाहिए। फिर घुटनों को फर्श पर टिकाये रखते हुए शरीर को सीधा करके बैठ जाना चाहिए। फिर धीरे-धीरे शरीर को पीछे झुकाते हुए पैर के तलवों को छुने की कोशिश करनी चाहिए। कुछ सेंकेड तक इस अवस्था में रहने के बाद शरीर को फिर से पूर्व के अवस्था में लौटाकर लाना चाहिए।

लाभ- इस आसन को करने से गुप्तागों में रक्त का संचार अच्छी तरह से हो पाता है। इसके कारण सेक्स के दौरान शरीर में अपुर्व ऊर्जा का संचार होने लगता है जो सेक्स के आनंद को उठाने में मदद करता है।

6. पद्मासन- फर्श पर पहले अच्छी तरह से बैठ जाये। फिर बायें पैर के एड़ी को दायें पैर के जांघ पर इस तरह से रखें कि वह नाभि के पास जाये। उसी तरह से दाये पैर के एड़ी को बायें पैर के जांघ पर भी उसी तरह से रखें। उसके बाद कमर से ऊपरी भाग को सीधा रखें। दोनों हथेलियों को गोद पर सीधा रखें। ध्यान के मुद्रा में बैठने के बाद साँस को नाक से ही निकालें।

लाभ- इस आसन को करने से मांसपेशियों, घुटना, मूत्राशय, पेट में मजबूती आती है। जिसके कारण खोई हुई काम की उत्तेजना वापस आ जाती है।

7. सर्वांगासन- इस आसन को करने के लिए पहले चटाई पर सीधा लेट जाये। फिर दोनों पैरों को मिलाते हुए हाथों के सहारे शरीर को धीरे-धीरे ऊपर उठायें। इस अवस्था में हथेली फर्श से सटी हुई होनी चाहिए।

लाभ- जब किसी में सेक्स के प्रति बिल्कुल अरूची हो जाती है तो यह आसन उसके लिए रामबाण की तरह काम करता है। जिनको सेक्स के नाम से ही निराशा महसूस होने लगती है या सेक्स के दौरान कमजोरी महसूस होने लगती है उनको इस आसन के द्वारा सारे समस्याओं से निजात मिल जायेगी।

एक्सट्रीम्स कैप्सूल का भी इस्तेमाल कर सकते है:-

एक्स्ट्रीमक्स एक प्राकृतिक कैप्सूल है जो समयपूर्व स्खलन के परेशान मुद्दे को आसानी से ठीक करता है। एक्स्ट्रीमक्स कैप्सूल सर्वश्रेष्ठ और प्रभावी उन कुछ यौन दवाओं में से एक है जो न केवल समय से पहले स्खलन को रोकने में बल्कि आकार में वृद्धि करने में मदद करता है, सहनशक्ति, निर्माण क्षमता, संभोग का समय, लिंग स्थिरता, संभोग सुख, क्षमता और वीर्य मूल्य धारण करने में सुधार करता है।

यदि आप चाहते हैं कि आपकी शादी शुदा ज़िन्दगी में खुशिया भरी रहे और आपकी यौन से जुडी समस्याएँ दूर हो जाये, तो आपको एक्स्ट्रीम एक्स कैप्सूल का इस्तेमाल करना चाहिए और डॉ। हाशमी से संपर्क करना चाहिए जो आपकी समस्या का समाधान करेंगे ।

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